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पहला बेबी सिजेरियन से, तो दूसरा नॉरà¥à¤®à¤² है मà¥à¤®à¤•ि
सिजेरियन डिलिवरी का चलन आजकल काफी बढ़ गया है। कम से कम 70 से 80 परà¥à¤¸à¥‡à¤‚ट डिलिवरी सिजेरियन के जरिठही हो रही है। लेकिन à¤à¤®à¥à¤¸ के डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि पहली बार सिजेरियन के बाद दूसरी डिलिवरी नॉरà¥à¤®à¤² हो सकती है, इसलिठहर बार सिजेरियन की धारणा मां और टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट करने वाले डॉकà¥à¤Ÿà¤° दोनों को बदलनी चाहिà¤à¥¤
à¤à¤®à¥à¤¸ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° का कहना है कि पहली डिलिवरी सिजेरियन के जरिठकराने वाली महिलाà¤à¤‚ अपनी अगली डिलवरी नॉरà¥à¤®à¤² करा सकती हैं। लेकिन दो बार सिजेरियन कराने के बाद तीसरी बार नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी नहीं की जा सकती। सिजेरियन डिलिवरी और इसके पà¥à¤°à¤¸à¥€à¤œà¤° पर à¤à¤®à¥à¤¸ सहित 19 देशों के डॉकà¥à¤Ÿà¤° इस पहलू पर à¤à¤• साथ मिलकर सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ कर रहे हैं।
à¤à¤®à¥à¤¸ के गाइनकोलॉजी डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के अडिशनल पà¥à¤°à¤«à¥‡à¤¸à¤° डॉकà¥à¤Ÿà¤° जे. बी. शरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि पहली बार सिजेरियन के बाद दूसरी डिलिवरी नॉरà¥à¤®à¤² हो सकती है, लेकिन अगर यूटà¥à¤°à¤¸ के पास की हडà¥à¤¡à¥€ दबी हो तो सिजेरियन ही करनी होगी। अगर किसी महिला की दो बार सिजेरियन से डिलिवरी हो चà¥à¤•ी है, तो उसका à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ वीक हो जाता है। à¤à¤¸à¥€ हालत में अगली डिलिवरी à¤à¥€ सिजेरियन ही करनी होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वीक à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फटने की आशंका रहती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि इस पर à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की जा रही है। जलà¥à¤¦ ही इसके डिटेलà¥à¤¸ रिपोरà¥à¤Ÿ आने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है।
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° होती है यह डिलिवरी
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° डिलिवरी सिजेरियन से की जाती है और सिजेरियन के लिठकई तकनीक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हो रही हैं। कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ तो कà¥à¤› नई तकनीक का यूज कर रहे हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने कहा कि इस पà¥à¤°à¤¸à¥€à¤œà¤° पर हमने à¤à¤• सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की है, जो पूरी हो चà¥à¤•ी है। इस सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ के अलावा चिली, घाना, अरà¥à¤œà¥‡à¤‚टीना जैसे देश शामिल थे। इस सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में 15935 महिलाओं को शामिल किया गया था। इस सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ और नई तकनीक पर सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ की गई। इसमें पाया गया कि दोनों तकनीक लगà¤à¤— बराबर हैं और मरीजों को फायदा à¤à¥€ बराबर हो रहा है।
ये à¤à¥€ पता चला
डॉकà¥à¤Ÿà¤° शरà¥à¤®à¤¾ ने कहा कि सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में यह पता चला कि कà¥à¤› तकनीक से मरीजों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदा हो रहा है। जैसे कैटगट का टांका जो केवल 60 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ में आता है, वह दूसरे 400 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के टांके के बराबर काम करता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठशारà¥à¤ª नाइफ और बà¥à¤²à¤‚ट कट से चीरा लगाया जाता है। बà¥à¤²à¤‚ट कट में काटने के बाद अंगà¥à¤²à¥€ से चीरा बढ़ाया जाता है, लेकिन बà¥à¤²à¤‚ट कट की तकनीक फासà¥à¤Ÿ है और इसका à¤à¥€ रिजलà¥à¤Ÿ बराबर है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° बाहर की ओर सà¥à¤Ÿà¤¿à¤š करते हैं, तो कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° पेट के अंदर रखकर सà¥à¤Ÿà¥€à¤š करते हैं। लेकिन सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ में यह साफ हो गया है कि बाहर वाली सà¥à¤Ÿà¤¿à¤š जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेफ है। लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤° शरà¥à¤®à¤¾ का कहना है कि सिजेरिशन सेकà¥à¤¶à¤¨ नॉरà¥à¤®à¤² की अपेकà¥à¤·à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरे वाला है और इसमें फà¥à¤¯à¥‚चर में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त हो सकती है। जहां तक संà¤à¤µ हो, हमेशा नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी कराने की कोशिश की जानी चाहिà¤à¥¤
जानने लायक बातें •सिजेरियन पà¥à¤°à¤¸à¥€à¤œà¤° मां या डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के लिठनहीं है •सिजेरियन को कम फैलाà¤à¤‚ •लेबर पेन से नहीं डरें, दवाà¤à¤‚ मौजूद हैं •नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के लिठकोशिश करें •नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी से मां को à¤à¥€ तसलà¥à¤²à¥€ होती है
कब कराना चाहिठसिजेरियन •डॉकà¥à¤Ÿà¤° जब मेडिकली सिजेरियन बताà¤à¤‚, तà¤à¥€ कराà¤à¤‚ •अगर बोन कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ टाइट हो तो सिजेरियन कराà¤à¤‚ •बचà¥à¤šà¤¾ टेढ़ा, उलà¥à¤Ÿà¤¾ या मà¥à¤‚ह सामने हो तो सिजेरियन कराà¤à¤‚ •बचà¥à¤šà¥‡ का हारà¥à¤Ÿ फंकà¥à¤¶à¤¨ कमजोर हो तो उस हालत में •कà¥à¤› मां मेडिकली नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के लिठफिट नहीं होती
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